07072020

आज के दिन की शुरूआत स्टाफ को गूगल मीट से वेबनार
कराने के प्रशिक्षण देने से हुई।  बीच में प्रजेन्टेशन के लिये इमेज को डिस्पले करने में इमेज तोता-मैना की ली गयी। तभी एक प्रतिभागी बोल उठा तोता-मैना की कहानी तो बहुत ही पुरानी है। उसके इतना कहते ही बरवस मुझे एक कहानी याद आ गयी। तोता कहता है कि औरते बुरी होती है और मैना कहती है कि आदमी बुरे होते है। इसी सार्वकालिक बहस के दौरे की ज्वलन्त कथा आपसे साझा करना चहूॅगा 

तोता-मैना
वह स्याह अंधेरी रात थी जिसमें कोई भी बंदा निकलना चाहे। उसी रात तेजी के साथ एक हाथ में फावडा और पीठ पर ताबूत का वोझ लिये कब्रिस्तान की ओर चला जा रहा था आज उसने सोच रखा था कि आज की रात आखिरी रात है उसने कब्रिस्तान में गड्ढा खोदना शुरू कर दिया वो अपनी धुन में बडबडाये जा रहा था अब जी कर क्या फायदा उसने ताबूत को गड्ढे में उतार दिया उसने खास आॅर्डर देकर ताबूत बनवाया था। वो अपने रब को याद कर ताबूत में उतर गया पत्नी की वेवफाई उसे यहाॅ तक ले आयी थी उसने अंदर से ताबूत में ताला लगा लिया और चाबी पैरो के पास फैक दी थोडी देर बाद ही उसे धवराहट महसूस होने लगी फेफडे हलक को आने लगे जीने की जिजीविषा जाग उठी ।ताबूत में बो मचल उठा चाबी तो उसने पैरो के पास फेक दी थी पैरो से वो चबी को टटोलने लगा पर असफल रहा दिमाग ने काम किया और जूते की किक जोर से शीशे पर दे मारी दो-चार ठोकरो से शीशा टूट गया बडी मुश्किल से वो बाहर आया और आत्महत्या बाला पत्र फाड कर ताबूत में फैक दिया ।सुबह की चाय के साथ अखबार में खबर देखी रात नगर निगम के कब्रिस्तान मंे एक लाश मिली जिसका संबंध उसकी पत्नी की वेवफाई से था वो जोर से हंसा उसने पत्नी केा अखबार दिखाया पत्नी ने मुहॅ विचकाया और चाय बनाने चली गयी।

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